नई दिल्ली: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सार्वजनिक मैदान में हुए शुद्धीकरण अनुष्ठान के मामले को लेकर कांग्रेस के एससी-एसटी सांसदों ने सोमवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में बैठक की। बैठक में इस घटना को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक का नेतृत्व एआईसीसी के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक के. राजू ने किया। बैठक में सांसदों ने हल्द्वानी की घटना को लेकर आगे की कार्रवाई के लिए एक साझा ज्ञापन तैयार करने को अंतिम रूप दिया। कांग्रेस की ओर से बताया गया कि यह संयुक्त ज्ञापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा जाएगा। इसमें राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
कांग्रेस ने कहा कि हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद हुए शुद्धीकरण की घटना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। पार्टी ने इसे संविधान में निहित समानता, गरिमा और अस्पृश्यता उन्मूलन के मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया।
बैठक में सांसदों ने इस मुद्दे पर भविष्य की कार्रवाई को लेकर भी विचार-विमर्श किया। कांग्रेस का कहना है कि घटना को केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े विवाद के तौर पर नहीं, बल्कि दलित और आदिवासी समुदायों के सम्मान से जुड़े व्यापक मुद्दे के रूप में उठाया जाएगा। कांग्रेस अब राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले संयुक्त ज्ञापन के जरिए इस मामले में हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग करेगी।