देहरादून: उत्तराखंड के कई जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में आज भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज दौर की बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली ,बागेश्वर, उधम सिंह नगर, चंपावत और टिहरी में कहीं- कहीं पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं तेज दौर की बारिश हो सकती है।
मंगलवार को देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। सोमवार देर रात से ही बारिश शुरू हो गई थी, जो मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रही। दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और धूप निकल आई। हालांकि लगातार बारिश के कारण मौसम में ठंडक भी महसूस की गई। मंगलवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में सबसे अधिक 233 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया। सोमवार रात से हो रही लगातार बारिश ने लोगों को दहशत में डाल दिया। पिछले साल सितंबर के महीने में बारिश आपदा लेकर आई थी और 101 साल के बाद बारिश का नया रिकॉर्ड भी बना था। उस दौरान सहस्त्रधारा में सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं इस बार भी मालदेवता और सहस्त्रधारा क्षेत्र हॉटस्पॉट बने हुए हैं।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। प्रदेश में नदियों के उफान पर आने और पहाड़ी ढलानों के खिसकने की घटनाएं आम बात हो गई हैं। कई बार तो सड़के टूटने से आवागमन भी बाधित हो रहा है और स्थानीय लोगों का जनजीवन भी अस्तव्यस्त हो रहा है। मंगलवार को भी मालदेवता क्षेत्र में सल्फर पॉइंट की ओर जाने वाले रास्ते पर मलबा आने की वजह से मार्ग बंद हो गया, जबकि शेरकी रोड पर गदेरे से मलबा आने की वजह से रास्ता बंद रहा।
वही मालदेवता मार्ग का काम अभी चल ही रहा था। लेकिन मंगलवार को पहाड़ का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। सोडा सरोली में रास्ते पर बहने वाला गदेरा उफान पर आ गया और गदेरे के पानी ने मुख्य मार्ग तक मलबा पहुंचा दिया, जिसके चलते 15 परिवारों को घरों में ही कैद रहना पड़ा।
प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी और अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के बेहद करीब पहुंच गया। चमोली में पिंडर नदी खतरे के स्तर से 4 मीटर ही नीचे बह रही है। पिथौरागढ़ में काली, गोरी और सरयू नदी का जलस्तर भी खतरे के आसपास पहुंच हुआ है।
वहीं प्रदेश भर में 111 मार्ग बंद है। प्रदेश में सबसे ज्यादा ग्रामीण मार्ग प्रभावित हुए हैं। वही बारिश के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ही व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सीएम ने आपदा प्रबंधन सचिव को आपदा या आपात स्थिति में राहत बचाव कार्य में देरी न होने के निर्देश दिए हैं।