मसूरी : पहाड़ों की रानी मसूरी में जल्द ही ई-रिक्शा आधारित शटल सेवा शुरू होगी। इसके लिए प्रशासन ने पहले करते हुए ई-रिक्शा का सफल ट्रायल किया गया। जिससे मसूरी को जाम से निजात मिल सकती है।
पर्यटन सीजन में घंटों जाम और पार्किंग संकट से जूझने वाली मसूरी को राहत देने के लिए प्रशासन ने ई-रिक्शा आधारित शटल सेवा शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। गुरुवार को शहर की खड़ी चढ़ाइयों और व्यस्त मार्गों पर ई-रिक्शा का सफल ट्रायल किया गया।
प्रशासन की योजना के अनुसार शटल पार्किंग से माल रोड, माल रोड से कंपनी गार्डन तथा किंक्रेग से पिक्चर पैलेस और किताबघर तक ई-रिक्शा सेवा संचालित की जा सकती है। यदि यह योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में मसूरी की पहचान केवल पर्यटन नगरी के रूप में नहीं, बल्कि स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल हिल स्टेशन के रूप में भी स्थापित हो सकती है।
एसडीएम राहुल आनंद, परिवहन विभाग, नगर पालिका और मसूरी पुलिस की मौजूदगी में किंक्रेग, माल रोड, कंपनी गार्डन, किताबघर और पिक्चर पैलेस मार्गों पर विभिन्न कंपनियों के ई-रिक्शा का परीक्षण किया गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि तीखी चढ़ाई और घुमावदार रास्तों पर भी ई-रिक्शा ने संतोषजनक प्रदर्शन किया। मसूरी में हर वर्ष पर्यटन सीजन के दौरान हजारों वाहन पहुंचते हैं।
माल रोड, लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस और कंपनी गार्डन मार्ग पर अक्सर कई-कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि यदि पार्किंग स्थलों से ई-रिक्शा शटल सेवा शुरू होती है तो निजी वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु हो सकेगी। एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है और अब ई-रिक्शा संचालन के लिए नियमावली तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहर के प्रमुख मार्गों पर नियमित शटल सेवा शुरू की जा सकती है।
ट्रायल में शामिल महिंद्रा कंपनी के सेल्स हेड सरनदास ने बताया कि नए मॉडल के ई-रिक्शा को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मसूरी जैसे पहाड़ी शहर में सफल ट्रायल यह साबित करता है कि ई-रिक्शा भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का मजबूत विकल्प बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये वाहन कम खर्चीले होने के साथ पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हैं।