देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए 14 अप्रैल का दिन खास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित मां डाटकाली के दर्शन के लिए भी जाएंगे। यूपी पुलिस की टीमें लगातार मंदिर पहुंच कर जांच-पड़ताल कर रही हैं।
यह मंदिर माता सती के नौ शक्तिपीठों में से एक मनोकामना सिद्धपीठ है। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों जब भी कोई नया वाहन खरीदता है तो वह अपने वाहन की पूजा के लिए मंदिर जरूर आता है। किवंदतियों के अनुसार, अंग्रेज जब दूनघाटी में आ रहे थे तो यहां प्रवेश के लिए उन्हें सुरंग बनानी थी। अंग्रेजों ने काम शुरू किया, लेकिन जब वे सुरंग बनाते तो अगले दिन टूट जाती थी। एक दिन अंग्रेज इंजीनियर कर्नल कैटवे को सपने में माता ने दर्शन दिए और मंदिर बनाने को कहा। इसके बाद 1936 में यहां मंदिर बनाया और मां काली की प्रतिमा स्थापित की। कहा जाता है कि माता का मंदिर बनने और प्रतिमा की स्थापना के बाद यह सुरंग आसानी से बन पाई।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से एक दिन पहले 13 अप्रैल से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में मोहंड एलिवेटेड रोड को बंद कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री की जनसभा होने तक पुराने मार्ग से ही गाड़ियां भेजी जाएंगी। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर पुलिस ने यातायात प्लान जारी कर दिया है।
14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला देहरादून शहर के अंदर 14.1 किलोमीटर का सफर तय करेगा। प्रधानमंत्री मोदी हेलीकॉप्टर से गणेशपुर (सहारनपुर) में उतरेंगे। यहां से एलिवेटेड रोड का निरीक्षण करते हुए कार से आईएसबीटी, जीएमएस रोड और कैनाल रोड होते हुए गढ़ी कैंट देहरादून के महिंद्रा ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
छुटमलपुर-बेहट-धर्मावाला चौक- प्रेमगनर- ठाकुरपुर हाईवे-प्रेमनगर चौक-बल्लुपूर चौक से गंतव्य के लिए भेजे जाएंगे।