देहरादून: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के प्रवक्ता राकेश टिकैत का बड़ा बयान आया है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया खूब चर्चा में है, जिसमें वे ब्लैक थार बच्चों को देने से मना करते दिख रहे हैं। दरअसल, यह वीडियो देहरादून का है। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बीटेक छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या का मामला गरमाया हुआ है। इस मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन ने देहरादून कूच किया। आशारोड़ी बार्डर पर बड़ी संख्या में धरने पर बैठे किसानों का नेतृत्व किसान नेता राकेश टिकैत ने किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में अभिभावकों को बच्चों के लिए काली थार न खरीदने की बात कही। उन्होंने कहा कि काली थार खरीदकर बच्चों को देने और देहरादून पढ़ाई के लिए भेजने पर 40 फीसदी छात्र अपने असली काम से विमुख हो जाते हैं।
राकेश टिकैत ने धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि काली थार से तौबा करें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को काली थार के साथ देहरादून न भेजें। इसके बाद ही उनकी पढ़ाई होगी। काली थार के साथ भेजने पर 40 फीसदी बच्चे पढ़ाई नहीं करते हैं। किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल के साथ-साथ देहरादून में पढ़ रहे छात्रों की बिगड़ती जीवनशैली, महंगी गाड़ियां और नशे के बढ़ते चलन पर भी चिंता जताई गई।
किसान नेता राकेश टिकैत और देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने अभिभावकों और छात्रों को नसीहत दी। राकेश टिकैत ने बाहर से देहरादून पढ़ने आने वाले छात्रों व उनके परिजनों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि काली थार गांव में ही छोड़ दो। जो अभिभावक बच्चों को यहां गाड़ियां दे रहे हैं, वो सुन लें कि बच्चा यहां पढ़ेगा नहीं। तो भैया, गाड़ी तो अपनी घर पर खड़ी कर दो और सब पढ़ाई कर लो।
राकेश टिकैत ने कहा कि पैसा बहुत मेहनत से आता है। देहरादून में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी चिंता जताते हुए किसान नेता ने कहा कि यहां देश के नौजवानों की भीड़ है और इनके भविष्य की लड़ाई लड़ना हमारी जिम्मेदारी है।
किसान नेता राकेश टिकैत की बातों का समर्थन करते हुए देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने भी अभिभावकों से अपील की। हाल में हुए ब्रिगेडियर हत्याकांड का उदाहरण देते हुए एसएसपी ने कहा कि उस मामले में हमले में शामिल छात्र क्लब में 40 हजार रुपये का बिल चुकाकर आए थे। अगर हम अपने बच्चों को जरूरत से ज्यादा पैसा देंगे और महंगी गाड़ियां मुहैया कराएंगे तो घर से दूर रहने वाले बच्चे निश्चित तौर पर गलत संगत में पड़ जाएंगे।
किसान नेता राकेश टिकैत ने यूपी की कानून व्यवस्था के मसले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ की देहरादून पुलिस के सामने तारीफ की। उन्होंने कहा कि वहां अपराधियों में खौफ है। यहां की सरकार ऐसी सख्ती क्यों नहीं दिखा पाती है। उन्होंने कहा कि योगी भी तो उत्तराखंड मूल के हैं। उन्होंने पुलिस को आड़े हाथ लेते हुए कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। एसएसपी के वार्ता के लिए पहुंचने पर किसान नेताओं ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की मांग की। देर शाम वार्ता के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
देहरादून के प्रेमनगर के केहरी गांव में 23 मार्च को यूपी और बिहार के छात्र गुटों के बीच विवाद हो गया। इसमें दिव्यांशु की लाठी- डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस घटना में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सात फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है। किसानों के धरना स्थल पर दिव्यांशु के दादा भी शुक्रवार को पहुंचे थे।
दिव्यांशु के दादा ने पोते की हत्या के बाद अपना दर्द जाहिर करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक आए। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्रों के पढ़ाई वाले शहर देहरादून में हुड़दंग पर लगाम कसने की मांग की।