देहरादून: आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर उस समय दौड़ गई जब देहरादून में प्रसिद्ध मां डाट काली मंदिर के महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के निधन की खबर सामने आई। लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे महंत रमन प्रसाद गोस्वामी का बुधवार शाम दिल्ली में उपचार के दौरान 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही अनुयायियों और भक्तों में गहरा शोक व्याप्त हो गया।
महंत रमन प्रसाद गोस्वामी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध मां डाट काली मंदिर के नौवें महंत थे। उन्होंने वर्ष 2007 से मंदिर की जिम्मेदारी संभाली हुई थी और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, महंत सवा दो साल से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। 25 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन बुधवार शाम करीब 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
महंत के निधन की खबर जैसे ही देहरादून पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात उनका पार्थिव शरीर सुभाषनगर स्थित आवास पर लाया गया, जहां श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
परिवार और अनुयायियों के अनुसार, महंत रमन प्रसाद गोस्वामी का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे हरिद्वार में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार और अनुयायियों को धैर्य प्रदान करने की कामना की।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने देहरादून दौरे पर आए थे, तब उन्होंने मां डाट काली मंदिर में दर्शन के दौरान महंत रमन प्रसाद गोस्वामी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।