देहरादून: पर्यटन सीजन के बीच उत्तराखंड में होम स्टे व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। देहरादून जिले में नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे होम स्टे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान 'ऑपरेशन सफाई' के तहत 17 होम स्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई न सिर्फ पर्यटन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए अहम मानी जा रही है, बल्कि इससे यह भी साफ संकेत मिला है कि नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर बुधवार को यह अभियान चलाया गया, जिसके तहत देहरादून, मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में कुल 24 होम स्टे का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं। कुछ होम स्टे बिना वैध पंजीकरण के चल रहे थे, तो कई का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। कुछ स्थानों पर होम स्टे को किराये या लीज पर देकर संचालित किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है।
जांच में यह भी सामने आया कि कई होम स्टे में अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी। वहीं कुछ जगहों पर होम स्टे को पूरी तरह होटल की तरह चलाया जा रहा था, जो निर्धारित नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा कई होम स्टे में गृह स्वामी का निवास नहीं पाया गया, जबकि यह होम स्टे संचालन की अनिवार्य शर्त है।
प्रशासनिक टीम को कई होम स्टे में अग्निशमन उपकरण नहीं मिले और रसोई संचालन भी नहीं हो रहा था। कुछ मामलों में विदेशी नागरिकों को नियमों के विरुद्ध ठहराने की बात भी सामने आई, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है।
इन सभी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने 17 होम स्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। साथ ही इन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई का सबसे अधिक असर मसूरी और देहरादून के प्रमुख क्षेत्रों में देखने को मिला। कई ऐसे होम स्टे भी सामने आए जो लंबे समय से बंद थे, लेकिन उनका पंजीकरण अब भी सक्रिय था या मालिक बदलने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया था।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि चार अप्रैल को हुई बैठक में यह तय किया गया था कि पर्यटन क्षेत्र में अनियमित गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
इसी के तहत 'ऑपरेशन सफाई' शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत जिले के कुल 71 होम स्टे का निरीक्षण किया जाना है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासनिक जांच और नियमों के उल्लंघन के आधार पर कुल 17 होम स्टे का पंजीकरण निरस्त किया गया है। इनमें मसूरी और देहरादून के कई प्रमुख होम स्टे शामिल हैं, जहां अलग-अलग स्तर पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।