देहरादून: उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है, जहां मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बादल, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी हैं। लगातार बढ़ते तापमान, हीटवेव के खतरे और स्वास्थ्य पर पड़ते असर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं।
देहरादून जिले में सोमवार को अत्यधिक गर्मी और लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों (कक्षा 1 से 12 तक) में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पतालों में हीटवेव से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
रविवार को देहरादून में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। झुलसाने वाली गर्मी के कारण लोग घरों के भीतर रहने को मजबूर हो गए। अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने में पिछले 17 वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। प्रदेश के अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर और तीव्र हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल शुष्क मौसम के कारण भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। इसके विपरीत, पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम करवट ले रहा है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे वहां तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 28 अप्रैल से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसको लेकर विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
हीटवेव के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अस्पतालों को आवश्यक संसाधनों और तैयारियों के साथ अलर्ट पर रखा गया है, ताकि गर्मी से संबंधित बीमारियों से तुरंत निपटा जा सके।