केदारनाथ: उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धामों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है। बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष रूप से कार्ययोजना तैयार की गई है। केदारनाथ धाम पहुंचने वाले भक्त भी इस प्रकार की व्यवस्था को लेकर खुशी जाहिर कर रहे हैं। वहीं, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा गरिमा के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ को लेकर कड़ा रुख जताया है। सीएम धामी ने तथ्यहीन सूचनाओं को वायरल किए जाने को लेकर शिकंजा कसे जाने के निर्देश दे दिए हैं।
श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर टोकन व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत धाम में आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को टोकन दिया जा रहा है। इसमें उनका नंबर अंकित होता है। श्रद्धालु टोकन लेकर कतारबद्ध होते हैं। डीएसपी विकास पुंडीर ने बताया कि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस व्यवस्था को लागू कर दी गई है। इससे श्रद्धालु शांतिपूर्वक एवं श्रद्धा के साथ बाबा केदार के सुगम दर्शन कर रहे हैं।
डीएसपी ने कहा कि केदानाथ मंदिर में एंट्री गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया जा रहा है। उन्हें एग्जिट गेट से ही निकाला जा रहा है। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों से अपील की कि अपने टोकन नंबर के आधार पर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करें और बाबा केदार का शांतिपूर्ण माहौल में श्रद्धा के साथ दर्शन करें।
सोशल मीडिया पर चार धाम यात्रा को लेकर भ्रामक, तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वाले तत्वों के खिलाफ एक्शन तेज हुआ है। गड़बड़ी करने
वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। चार धाम यात्रा के संदिग्ध वीडियो जांच के दायरे में रखे जाने की बात कही जा रही है।सोशल मीडिया पर चार धाम यात्रा से जुड़ी सूचनाओं को लेकर 24 घंटे निगरानी का निर्णय लिया गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने साफ निर्देश दिया है कि चार धामों की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, रुद्रप्रयाग में दो मामलों में एफआईआर दर्ज हो गई है। अब तक कुल तीन केस दर्ज हो चुके हैं। सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान चिह्नित किए गए कुछ वीडियो एवं रील्स में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। इनमें श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटाए जाने, 15-15 घंटे तक कतार में खड़े रहने के बावजूद दर्शन न होने, पुलिस व्यवस्था के अभाव और अव्यवस्था एवं धक्का-मुक्की जैसी भ्रामक बातें प्रसारित की गईं। हालांकि, वहां स्थिति इसके उलट दिखी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकार के दुष्प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल, सख्त एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24x7 सतत निगरानी करते हुए अराजक तत्वों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। सीएम के सख्त रुख के बाद कार्रवाई तेज की गई है।