देहरादून: उत्तराखंड में शनिवार को 'अर्थ आवर' मनाने का फैसला लिया गया है। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 28 मार्च को रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक 'अर्थ आवर' मनाने का फैसला लिया। इस दौरान राज्य के निवासियों से आग्रह किया गया है कि वे एक घंटे के लिए सभी गैर-जरूरी लाइटें और बिजली के उपकरण बंद रखें। ऊर्जा संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों को जरूरी करार दिया जा रहा है। ऐसे में 'अर्थ आवर' मनाने के फैसले की चर्चा हो रही है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना बताया गया है। सरकार का कहना है कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुरक्षित करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 'अर्थ आवर' मनाने का फैसला लिया गया है। यह अभियान डब्लूडब्लूएफ इंडिया, नई दिल्ली से मिले एक संदेश के आधार पर चलाया जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से लोगों में ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने के प्रति जागरूक बनाने को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है। युवाओं को ऊर्जा की बचत के बारे में जागरूक करने के साथ ही लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में यह कार्यक्रम सहायक होगा।
दरअसल, ‘अर्थ ऑवर’ एक वैश्विक अभियान है। इसमें दुनियाभर के लोग जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाने के लिए अपने मन से एक घंटे तक बिजली का सीमित उपयोग करते हैं। उत्तराखंड सरकार की ओर से भी सभी नागरिकों को अपील की गई है कि वे निर्धारित रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे की अवधि के लिए गैर-जरूरी बिजली के उपकरणों को बंद करके इस वैश्विक पर्यावरणीय पहल में सक्रिय रूप से भाग लें।
सरकार ने प्रदेश के सभी नागरिकों के साथ-साथ संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और सरकारी कार्यालयों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इसको लेकर प्रदेश भर में चर्चा चल रही है।