चमोली: उत्तराखंड में सोने के आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। चमोली पुलिस ने बिहार के रहने वाले स्वर्णकार बंटी कुमार और पंकज कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हॉलमार्क लगाने वाली एक महंगी लेजर मल्टीपरपज मशीन और कंप्यूटर बरामद किए गए हैं। इनकी कीमत लगभग ढाई लाख रुपये है।
यह गिरोह असली सोने के आभूषणों के बदले कम कैरेट वाले आभूषण तैयार कर उन पर नकली 20 कैरेट की हॉलमार्क मोहर लगाकर ग्राहकों को वापस लौटा देता था।
धोखाधड़ी का यह मामला तब सामने आया जब ज्योर्तिमठ निवासी लवली रावत ने 19 मार्च 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। रावत ने शिकायत में बताया कि उन्होंने जुलाई 2025 में अपने सोने के आभूषण ज्योर्तिमठ के स्वर्णकार आदित्य ज्वेलर्स के संचालक बंटी कुमार के पास 40 हजार रुपये के लिए प्रति माह 2 हजार रुपये के ब्याज पर गिरवी रखे थे।
6 माह बाद दिसंबर 2025 में जब उन्होंने ब्याज सहित पैसा लौटा कर अपने गिरवी रखे आभूषण छुड़वाए तो उन्हें गहनों की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। संदेह होने पर उन्होंने नगर के अन्य स्वर्णकारों से गहनों की जांच करवाई तो पता चला कि उनके असली सोने के गहनों को नकली गहनों से बदल दिया गया है। और चालाकी से फर्जी हॉल मार्क भी लगाया गया है।
महिला की शिकायत पर पुलिस टीम का गठन कर जांच की गई। एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मुख्य आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान बंटी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह करणप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु के साथ मिलकर इस गोरखधंधे को अंजाम देता था।
पंकज के पास बिना लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन थी जिसका उपयोग नकली हॉलमार्क लगाकर इस धोखाधड़ी के लिए किया जाता था। पुलिस ने इस मशीन को जब्त कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संगीता की धारा 316 (2), 318 (2), 318 (4), 338 और भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 की धारा 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।