नई दिल्ली: ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य समेत पूरे फारस की खाड़ी में मौजूद सारे भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस बीच खाड़ी के युद्धग्रस्त क्षेत्र की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से भी बात हुई है।
केंद्र सरकार के शिपिंग मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट समेत फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय झंडे वाले जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने यह जानकारी दी है।
राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार 'भारतीय फ्लैग के जहाज और नाविक सभी सुरक्षित हैं और खाड़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में किसी समुद्री घटना की सूचना नहीं है। वर्तमान में फारस की खाड़ी में होर्मुज के पश्चिम जो 22 जहाजों की मौजूदगी थी, उसमें कोई बदलाव नहीं है। उनमें 611 भारतीय नाविक सवार और सुरक्षित हैं।'
उन्होंने आगे बताया, 'पिछले 24 घंटे में अपनी साइन ऑफ के बाद 16 भारतीय नाविक वापस भारत आए। इस कार्य को विभिन्न एयरपोर्ट पर भारतीय मिशन से तालमेल में संपन्न किया गया।'
उधर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हुई बात की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हुए हमलों की भारत की ओर से निंदा की।'
उन्होंने कहा कि 'दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बदलते हालातों पर अपनी चिंताएं साझा कीं। पीएम मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और फ्री नेविगेशन पक्का करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, इस बात पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कुवैत में भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण के लिए उनके लगातार सपोर्ट के लिए क्राउन प्रिंस को धन्यवाद भी दिया।'
फारस की खाड़ी में जारी संकट को लेकर पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं-