मसूरी/देहरादून: देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा यानी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के नाम पर युवाओं से ठगी का एक चौंकाने वाला मामला मसूरी में सामने आया है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) प्रशासन ने कोतवाली मसूरी को सूचना दी कि एक युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर अकादमी में प्रशिक्षण लेने के उद्देश्य से परिसर में पहुंचा है। कोतवाली मसूरी से वरिष्ठ उप निरीक्षक तत्काल पुलिस बल के साथ अकादमी परिसर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एलआईयू मसूरी और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया, जिससे पूरे परिसर में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद युवक से पूछताछ की गई और उसके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की गहन जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का शिकार है। युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट को असली मानते हुए अपने माता-पिता और दैनिक उपयोग का सामान लेकर ट्रेनिंग के लिए मसूरी पहुंचा था।
इसके बाद युवक को आवश्यक पूछताछ के लिए कोतवाली मसूरी लाया गया। पूछताछ में पता चला कि युवक उच्च शिक्षित है और वर्तमान में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। युवक ने इस संबंध में एक लिखित प्रार्थना पत्र भी पुलिस को सौंपा। जांच में सामने आया कि युवक से यूपीएससी परीक्षा पास कराने के नाम पर कुल 27,564 रुपये की ठगी की गई है। 13,000 रुपये नकद और 14,564 रुपये यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर कराया गया। इसके बाद उसे व्हाट्सएप के जरिए फर्जी यूपीएससी रिजल्ट भेज दिया गया।
पुलिस जांच पीड़ित की पहचान पुष्पेश सिंह निवासी जिला सारण (बिहार) के रूप में हुई। वर्तमान पता गुड़गांव (हरियाणा) है। यहीं पर एक युवक ने युवक के साथ ठगी अंजाम दी थी। आपराधिक मामला गुड़गांव से जुड़ा हुआ है, इसलिए कोतवाली मसूरी में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई के लिए मामला संबंधित राज्य (हरियाणा) को स्थानांतरित किया जाएगा।