देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एमबीए की पढ़ाई करने वाले त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम धामी ने स्वयं एंजेल चकमा के पिता से बातचीत कर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अब मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। एंजेल चकमा हत्याकांड की जांच के लिए देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने एसआईटी का गठन कर दिया है। वहीं, पुलिस मुख्यालय ने फरार मुख्य आरोपी यज्ञ राज अवस्थी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पहले फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसकी तलाश में पुलिस नेपाल तक पहुंची, लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे थे।
एंजेल चकमा हत्याकांड मामले को लेकर एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि एसआईटी का गठन किया गया है। एसपी देहात पंकज गैरोला के नेतृत्व में एसआईटी जांच करेगी। उन्होंने कहा कि एसओजी ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं। यह भी पता लगा लिया है कि दोनों पक्ष भीड़-भाड़ वाले घटनास्थल पर कैसे पहुंचे। घटनाक्रम के अनुसार विवाद 9 दिसंबर को हुआ था। अगले दिन थाने में शिकायत दी गई। इसके बाद मामले में 12 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की गई।
मामले की जांच में अब तक सामने आया है कि एंजेल चकमा से झगड़े के दौरान आरोपियों ने हाथ में पहने कड़े से उस पर हमला किया। इसके बाद पीठ पर अंडे काटने वाले चाकू से वार किया गया था। इसमें एंजेल गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। 26 दिसंबर को अस्पताल में एंजेल की मौत हो गई थी। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर आरोपी ने अचानक चाकू क्यों चलाया?
एसएसपी ने कहा कि एसआईटी चाकू से हमले की वजह की तलाश करेगी। जांच में सामने आया है कि एंजेल को हमले में चाकू और कड़ा लगने से गहरी चोट लगी। कई अहम नसें इसकी वजह से जख्मी हो गईं। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इससे एंजल ब्रेन डेड की स्थिति में चला गया और उसकी मौत हुई। एंजेल चकमा का इलाज करने वाले डाक्टरों की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस ने हासिल कर ली है।
एंजेल चकमा प्रकरण में पुलिस का दावा है कि नस्लीय टिप्पणी जैसी कोई घटना नहीं हुई। ऐसे में पुलिस हत्या की जांच के साथ एससी-एसटी एक्ट की धाराओं तक पहुंचती दिख रही है। एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि 10 दिसंबर को मामले की जब शिकायत दी गई थी तो उसमें नस्लीय शब्दों की जानकारी नहीं दी गई थी। शिकायत में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल की बात कही गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी हैं।
देहरादून के सेलाकुई में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी किया है। आयोग की ओर से मुख्य सचिव और डीजीपी से इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई की डिटेल रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही, प्रदेश में पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने एंजेल चकमा हत्याकांड का संज्ञान लिया है। प्रियांक ने 'एक्स' पर इस घटना को लेकर पोस्ट की है। इस मामले में सहाद्री राइट्स फोरम की ओर से शिकायत भेजे जाने की बात सामने आई है।