देहरादून: देहरादून में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल जी के नेतृत्व में रविवार को एक विशाल कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। ये लोग अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखण्ड प्रभारी दुष्यंत गौतम तथा भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इनकी यह भी मांग थी कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में CBI से कराई जाए।
हालांकि इस मामले में दुष्यंत गौतम ने अपनी सफाई देते हुए वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा था कि साजिश के तहत उनका नाम लिया जा रहा है। उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इस मामले की जांच की बात कही, साथ ही यह भी दावा किया कि अगर उन पर लगाए आरोप सच साबित हो जाते हैं तो वह अपने सामाजिक, राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।
दुष्यंत गौतम ने उत्तराखंड के गृह सचिव को लेटर लिखकर कहा था कि सोशल मीडिया पर चल रहे उन ऑडियो और वीडियो को हटाया जाए जिनमें अंकिता भंडारी मर्डर में उनके शामिल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस इसका पूरी तरह से फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।