देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के विरोध मार्च के एक दिन बाद शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) की प्रदेश इकाई ने अपने फेसबुक पेज से उस विवादित वीडियो को हटा दिया जिसे लेकर कांग्रेस नेता ने कड़ी आपत्ति जताई थी। हरिश रावत का आरोप है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार किए गए इस वीडियो में उन्हें पाकिस्तानी जासूस बताया गया है, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि खराब हो रही है।
हरीश रावत ने अपने समर्थकों के साथ गुरुवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय कूच किया था। पार्टी से उनके पाकिस्तानी जासूस होने और उनकी मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति का प्रमाण देने या फिर माफी मांगने को कहा था। हालांकि रावत अब भी भाजपा द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने की अपनी मांग पर डटे हुए हैं। भाजपा के वीडियो हटा लेने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रावत ने कहा कि भाजपा को सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।
हरिश रावत ने गुरुवार को अपने कूच के दौरान कहा था कि अगर भाजपा उनकी मांग नहीं मानती है तो जनवरी के महीने में वह फिर से लगातार छह दिन तक भाजपा मुख्यालय आएंगे। रावत ने कहा था कि 16 जनवरी से वह अपने आंदोलन को फिर से तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह अपना पूरा ध्यान अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराए जाने की कांग्रेस की मांग पर रखेंगे।
इससे पहले, मंगलवार को हरिश रावत ने भाजपा के आधिकारिक फेसबुक पेज पर अपने खिलाफ दुष्प्रचार करने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कराया था। इस संबंध में उन्होंने कहा था कि अगर पुलिस उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती तो वह न्यायालय के साथ ही जनता की शरण लेंगे।