देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का ओएनजीसी इनोवा कार हादसे का खौफनाक मंजर आज भी लोगों की आंखों के आगे घूम रहा है।इस हादसे के बाद सड़क पर फैले इंसानी मांस के लोथड़े और कटे हुए सिरों को देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए थे। हादसे में एक साथ कार में सवार 6 युवाओं की मौत हुई थी। इस भयानक हादसे ने लोगों को हिलाकर रख दिया था। इस घटना के 1 साल 8 दिन बाद पुलिस ने ओएनजीसी चौक के मामले में कोर्ट में 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है।
हालांकि घटना के वक्त कार में सवार एक युवक सिद्धेश अग्रवाल के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी होने का कारण भी सिद्धेश अग्रवाल के बयान दर्ज न होना बताया है।
देहरादून के लोग 11 नवंबर 2024 की काली रात को शायद ही कभी भूल पायेंगे। इस हादसे में छह घरों के चिराग तेज रफ्तार की भेंट चढ़ गए थे। ओएनजीसी चौक पर रात 1:30 बजे बेलगाम दौड़ती कार और कंटेनर की भिड़ंत के बाद वहां का दृश्य भयानक और दिल दहलाने वाला था। चौक से लेकर एक किमी दूर तक शवों के टुकड़े और दो युवाओं के सिर कट कर सड़क पर गिरे हुए थे, जिसने हर किसी को झकझोक कर रख दिया था।
इस हादसे के बाद का दृश्य जिस किसी ने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस ने कंटेनर चालक को घटना के 13 दिन बाद गिरफ्तार किया था। हादसे के बाद कंटेनर चालक रामकुमार अपने साथ कंटेनर की नंबर प्लेट भी लेकर भाग गया था।
ओएनजीसी चौक पर हुए हादसे में गुनीत, कुणाल कुकरेजा, ऋषभ जैन, नव्या गोयल, अतुल अग्रवाल और कामाक्षी की दर्दनाक मौत हो गई थी जबकि कार में सबसे पीछे बैठा सिद्धेश अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हो गया था। सिद्धेश लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती भी रहा। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो पता चला कि कार राजपुर क्षेत्र से सिद्धेश अग्रवाल के घर की ओर से आई थी।
घटना के समय ओएनजीसी चौक के सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। यह कार राजपुर रोड से घंटाघर होते हुए जीएमएस रोड आई थी और उसके बाद कांवली रोड पर लक्ष्मण पुलिस चौकी के सामने से यू-टर्न लेकर फिर से जीएमएस रोड होते हुए ओएनजीसी चौक पहुंची थी। इस मामले में पुलिस ने सिद्धेश अग्रवाल के पिता की ओर से मिली तहरीर के आधार पर कंटेनर चालक रामकुमार के खिलाफ प्राथमिकी की दर्ज की थी। इस मामले में पुलिस ने रामकुमार को 13 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया था। कंटेनर चालक उसे वक्त एक होरिजेंटल ड्रिलिंग मशीन लेकर कौलागढ़ जा रहा था।
उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में कंटेनर चालक रामकुमार के साथ ही मालिक नरेश गौतम और किराए पर संचालन करने वाले अभिषेक चौधरी को भी आरोपी बनाया है। जबकि चार्जशीट में 60 लोगों को गवाह बनाया गया है।