टिहरी/देहरादून: पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को जंगली जानवरों से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। बुधवार सुबह के समय टिहरी के नरेंद्र नगर के आगराखाल चौकी के अंतर्गत चलड गांव के एक युवक पर भालुओं ने उस समय हमला कर दिया जब वह बकरी ले कर आ रहा था।
पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों भालुओं और गुलदारों के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। वन्य जीवों के कारण लोग दिन ढलते ही अपने घरों में बंद हो रहे हैं लेकिन अब दिन के उजाले में भी लोगों को घर से निकलना भारी पड़ रहा है।
आज नरेंद्र नगर थाना के आगरा खाल चौकी के अंतर्गत चलड गांव के कद्दूखाल निवासी बिजेंद्र (25) पुत्र प्रेम सिंह बकरी लेकर आगरा खाल आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में उन पर दो भालुओं ने हमला कर दिया। हालांकि मजबूत कदकाठी का होने के कारण बिजेंद्र ने हिम्मत जुटा कर एक भालू की गर्दन दबाकर उसे दूर फेंक दिया। लेकिन तभी दूसरे भालू ने उस पर हमला कर दिया। भालू से हुए संघर्ष में बिजेंद्र के गले, कंधे, पीठ पर काफी चोटें आई हैं।
भालू के हमले से घायल बिजेंद्र के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे तो भालू वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने तत्काल घायल बिजेंद्र को एंबुलेंस से श्री देव सुमन राजकीय उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना की सूचना पर तहसीलदार नरेंद्र नगर अयोध्या प्रसाद उनियाल वन क्षेत्राधिकारी विवेक जोशी प्रभाग्य वन अधिकारी नरेंद्र नगर दिगांथ नायक घटनास्थल पर पहुंचे।
विदित हो कि पर्वतीय क्षेत्रों में भालुओं और गुलदारों का आतंक देखते हुए वन विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे बच्चों को एस्कार्ट कर स्कूल तक छोड़ेंगे और वापस लायेंगे। ऐसा इसलिए ताकि वन्य जीवों के दहशत से इन बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। वन्य जीवों के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में बच्चे अब वन कर्मियों के पहरे में स्कूल जा रहे हैं।