देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। स्थानीय पत्रकार राजीव प्रताप पिछले चार दिनों से लापता हैं। 18 सितंबर की रात से उनका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और भागीरथी नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस क्लू हाथ नहीं लगा है। एक ओर कार के नदी में फंसने से दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है, वहीं परिवार साजिश का शक कर रहा है।
राजीव प्रताप की पत्नी मुस्कान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल उत्तरकाशी की जर्जर हालत पर राजीव ने एक वीडियो बनाया था, जिसके बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। मुस्कान ने कहा, राजीव स्थानीय मुद्दों को बेबाकी से उठाते थे, जिससे कुछ लोग नाराज हो सकते हैं। परिवार अनहोनी की आशंका से बेहाल है।
18 सितंबर की रात राजीव अपने पुलिसकर्मी दोस्त की कार लेकर गंगोरी की ओर गए थे। अगले दिन कार वापस न लौटने पर दोस्त ने फोन किया, लेकिन फोन बंद था। घर जाकर पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। खोजबीन के दौरान स्याणा गांव के समीप भागीरथी नदी में कार फंसी हुई मिली। कार में राजीव नहीं थे। बताया जा रहा है कि उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, जो रास्ते में उतर गया था।
कार मिलने के बाद नदी में डूबने की आशंका पर तलाश तेज कर दी गई। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। लेकिन चार दिनों बाद भी राजीव का कोई पता नहीं चला। पर्वतीय इलाकों में ऐसी दुर्घटनाएं आम हैं, लेकिन राजीव के बेबाक पत्रकारिता को देखते हुए स्थानीय लोग साजिश की संभावना से इंकार नहीं कर रहे।