देहरादून: उत्तराखंड में फायर ऑफिसर की नौकरी पाने के लिए आपको ओलंपिक स्प्रिंटर से भी तेज और ताकतवर होना पड़ेगा। राज्य की भर्ती अधिसूचना काे पढ़कर तो यही समझ आ रहा है, हालांकि बाद में इसे ‘टाइपो’ (टंकण त्रुटि) बताया गया है। पिछले दिनों जारी अधिसूचना में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने फायर ऑफिसर (द्वितीय श्रेणी) पद के उम्मीदवारों से 65 किलो वजन उठाकर 900 मीटर की दौड़ सिर्फ 60 सेकंड में पूरी करने की शर्त रखी थी।
यह मानक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। विशेषज्ञों ने बोला कि बिना किसी भार उठाए 800 मीटर दौड़ का पुरुषों का विश्व रिकॉर्ड 1 मिनट 40.9 सेकंड है, जो 2012 लंदन ओलंपिक में केन्या के डेविड रुडिशा ने बनाया था। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने चुटकी लेते हुए लिखा कि इस भर्ती के लिए तो केवल "मार्वल सुपरहीरोज" ही योग्य हो सकते हैं।
इसके बाद गलती का एहसास होने पर राज्य सरकार ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया। गृह विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने स्पष्ट किया कि यह मापदंड एक "टाइपिंग एरर" (टंकण त्रुटि) का परिणाम था और जल्द ही इसे सुधारा जाएगा। उन्होंने कहा, "मानक तकनीकी स्तर पर तैयार किए गए थे। जैसे ही मामला संज्ञान में आया, हमने इसकी समीक्षा शुरू कर दी। हमारा उद्देश्य युवाओं को हतोत्साहित करना नहीं, बल्कि फिटनेस का उचित आकलन करना था। जल्द ही संशोधित आदेश जारी होगा।"
बता दें इससे पहले इस पद के लिए अभ्यर्थियों को 30 मिनट में 5 किलोमीटर पैदल चलना होता था और किसी तरह की रेसिंग की शर्त नहीं थी।