देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज के अर्धनग्न छात्रों का हॉस्टल में देर रात तेज आवाज में डीजे बजाकर पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इनके सुरक्षाकर्मियों की चेतावनी के बाद भी जब छात्र मनमानी करते रहे तो पुलिस कुछ छात्रों को पकड़कर कोतवाली ले गई। उन्हें इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी। इस पूरे मामले में प्राचार्य ने जांच समिति गठित की है। वहीं हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, दून अस्पताल चौक स्थित मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में देर रात जमकर हंगामा हुआ। हॉस्टल से देर रात गाने की तेज आवाज आ रही थी तो कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। वहीं कुछ छात्रों ने तेज आवाज में गाने बजाने का विरोध भी किया, जिसको लेकर उनमें आपस में विवाद हो गया। इस दौरान जब हॉस्टल के सुरक्षाकर्मी पार्टी कर रहे छात्रों के पास पहुंचे तो छात्र उनसे भी भिड़ गए। वहीं वीडियो बनाने वाले के साथ भी मेडिकल छात्रों की हाथापाई हो गई। इसके बावजूद जब मेडिकल छात्र नहीं माने तो सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने दो चीता पुलिस कर्मियों को मौके पर भेजा। पुलिस ने मेडिकल छात्रों से डीजे बंद करने को कहा तो यह उनसे भी भिड़ गए। मेडिकल छात्रों के न मानने पर ड्यूटी ऑफिसर भी मौके पर पहुंचे और डीजे बंद करवाया। हंगामा कर रहे कुछ छात्रों को पुलिस कोतवाली ले गई और चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया गया।
शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि कुछ छात्रों और छात्राओं ने देर रात पार्टी का आयोजन किया था। कंट्रोल रूम में सूचना मिलने पर पुलिस कर्मियों को डीजे बंद करने के लिए भेजा गया था। लेकिन छात्र नहीं माने जिसके बाद कुछ छात्रों को कोतवाली बुलाया गया था। शहर कोतवाल ने बताया कि इन छात्रों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की हरकतें ना करें। कोतवाल ने कहा कि इस तरह की अराजकता पूर्ण घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी छात्रों को अनुशासन में रहना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं पीजी हॉस्टल की इस घटना के बाद से डॉक्टरों में भी आक्रोश है। बताया जा रहा है कि मामला तब बिगड़ जब एक व्यक्ति ने न्यूरो सर्जन डॉक्टर अमित का कॉलर पकड़ लिया और पुलिस के साथ छात्रों को हॉस्टल से बाहर ले जाने की कोशिश की। इस घटना के विरोध में डॉक्टरों ने आज पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया। दूसरी ओर प्राचार्य डॉ गीता जैन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएमएस डॉ एनएस बिष्ट की अध्यक्षता में पांच सदस्य कमेटी गठित की है। यह कमेटी आज अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंपेंगी। डीएमएस डॉ नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि हॉस्टल में रात के समय तेज म्यूजिक बजाना और गेट पर शाम के समय किसी भी व्यक्ति की एंट्री ना होना लापरवाही को दर्शा रहा है।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन ने बताया कि घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा घटना के दौरान बाहरी लोग भी अंदर घुस गए थे। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों से भी जवाब मांगा गया है। मामले की जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।