मसूरी: बद्रीनाथ से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का एक हेलीकॉप्टर सोमवार दोपहर मसूरी की पहाड़ियों पर छाए घने कोहरे के कारण रास्ता भटक गया। ट्रांस भारत एविएशन के इस हेलीकॉप्टर को सहस्त्रधारा हेलीपैड पर उतरना था, लेकिन दृश्यता बेहद कम होने के कारण पायलट ने मसूरी इंटरनेशनल स्कूल के खेल मैदान में आपात लैंडिंग का फैसला लिया। इस साहसिक निर्णय ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
हेलीकॉप्टर में सवार करनाल और हैदराबाद के पांचों यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। लैंडिंग के बाद मसूरी इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन ने यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्कूल के शिक्षक आकाश ग्रोवर ने बताया कि अचानक हेलीकॉप्टर की तेज आवाज सुनकर सभी हैरान रह गए। शुरू में लोग घबरा गए, लेकिन स्थिति स्पष्ट होने पर स्कूल प्रबंधन ने यात्रियों को गेस्ट हाउस में ठहराया और गर्म चाय-नाश्ते की व्यवस्था की। यात्रियों ने स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोगों के आतिथ्य की सराहना की।
पायलट ने पहले मसूरी के पोलोग्राउंड में लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन कोहरे के कारण सही स्थान नजर नहीं आया। इसके बाद उन्होंने स्कूल के खेल मैदान को सुरक्षित लैंडिंग स्थल के रूप में चुना। जांच में हेलीकॉप्टर में किसी भी तरह की तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। यह पूरी तरह सुरक्षित है और कोहरे के कारण दिशा भ्रम ही आपात लैंडिंग का कारण बना।
मसूरी इंटरनेशनल स्कूल के त्वरित और सहयोगी रवैये ने यात्रियों को राहत प्रदान की। स्कूल के स्टाफ और प्रबंधन ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि उनकी सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा। इस घटना ने स्थानीय समुदाय और स्कूल प्रशासन की तत्परता को उजागर किया।