देहरादून: उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर इन दिनों रेत मिले नमक का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। यह नमक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से मिलता है, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की फोटो भी लगी है। राशन की दुकान से मिलने वाले नमक में रेत की मिलावट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद से लोग तरह-तरह की टिप्पणी भी कर रहे हैं। तो वहीं कुछ लोग सरकार पर आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं।
टिहरी के चम्बा में सरकारी राशन की दुकानों पर मिलने वाले नमक में रेत की मिलावट का वीडियो वायरल हो रहा है। चम्बा निवासी राजेंद्र नेगी व आरती बिष्ट ने जब सरकारी राशन की दुकान से मिले नमक को निकाल कर एक कटोरी में घोला, तो उसमें भी रेत जैसे कण स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। आरती बिष्ट कहना है कि सरकारी राशन में मिलने वाले नमक में रेत की मिलावट है। इस तरह से सरकार लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
टिहरी जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी मनोज कुमार डोभाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने की बात कही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं के माध्यम से मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत जो नमक वितरित करवाया जा रहा है। वह एक मानक प्रक्रिया के तहत ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसमें बताया कि उपलब्ध कराया जाने वाला नमक फोर्टीफाइड है। किसी भी खाद्य पदार्थ को फोर्टीफाइड करने के लिए उसमें मूल वस्तु के साथ-साथ अन्य आवश्यक पोषक तत्व भी मिश्रित किए जाते हैं। लेकिन फिर भी उक्त विषय की गंभीरता को देखते हुए सक्षम संस्था के माध्यम से नमक में मिश्रित तत्वों की जांच कराई जाएगी।उत्तराखंड सरकार राशन कार्ड धारकों को हर महीने सस्ते दरों पर आयोडीन युक्त नमक उपलब्ध कराती है। जिससे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को सस्ती दरों पर नमक उपलब्ध हो सके। सोशल मीडिया पर नमक में रेत की मिलावट का वीडियो वायरल होने के बाद लोग सरकार पर उंगलियां उठा रहे हैं।