देहरादून। बारिश कब तक होगी ? बारिश कब रुकेगी ? लगभग हर किसी के मन में यही सवाल है। आसमान से बरस रही आफत से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हालात ऐसे हैं कि अब लोग भगवान से बारिश रोकने की प्रार्थना कर रहे हैं। इस मानसून सीजन में बारिश ने पहाड़ी क्षेत्रों में काफी नुकसान पहुंचाया है। उत्तराखंड के देहरादून और उत्तरकाशी सहित कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। जबकि, अन्य जिलों में मौसम विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए हरिद्वार जनपद को छोड़ कर सभी जिलों के स्कूलों में आज छुट्टी है। वहीं, अभी मानसून जाते-जाते क्या रंग दिखाएगा, यही सोच कर लोग परेशान हैं।
हालांकि, उत्तराखंड से मानसून की विदाई के लिए अभी 15 सितंबर तक इंतजार करना होगा। प्रदेश में इस बार बारिश का आंकड़ा मानसून सीजन से आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर का कहना है कि 15 सितंबर तक अभी मानसून जारी रहेगा। 15 सितंबर आते-आते मौसम का मिजाज थोड़ा हल्का हो सकता है। संभवत: सितंबर के आखिरी सप्ताह तक मानसून की विदाई हो सकती है।
उत्तराखंड में अकसर मानसून औसतन 25 सितंबर तक विदा हो जाता है। वर्ष 2023 में छह अक्तूबर और 2024 में दो अक्तूबर को मानसून की विदाई हुई थी। इस बार भी 25 सितंबर के आसपास का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम विज्ञानी रोहित थपलियाल के मुताबिक रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले सभी जिलों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
वहीं, चमोली जिले में सोमवार को देर शाम बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, नंदा घुंघटी, रुद्रनाथ की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। पहाड़ी इलाकों में तो लोगों ने गर्म कपड़े भी निकाल लिए हैं। वहीं, लगातार बारिश के चलते मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट आई है। बारिश के तेवर देखते हुए इस बार सर्दी का मौसम भी जल्द आने की उम्मीद है।
इससे पहले सोमवार को देहरादून में लगातार हो रही बारिश के कारण गजियावाला में बीजापुर बांध के पास स्थित संसारी माता का मंदिर ढह गया। जबकि आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा ,है। दून में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सोमवार को हुई बारिश से कई जगह जलभराव हो गया। लगातार बारिश होने से दून के अधिकतम और न्यूनतम तापमान भारी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को अधिकतम तापमान में 4.1 और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, प्रदेश में लगातार भारी बारिश के कारण नदियां और नाले भी उफान पर आ गए हैं। एक तरफ जहां उत्तरकाशी में स्यानचट्टी पुल पर यमुना नदी का पानी आ गया है, तो वहीं गढ़वाल मंडल में सौंग, बाणगंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी, यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। इन नदियों का जल स्तर चेतावनी के स्तर से ऊपर है। वहीं कुमाऊं में कोसी और गौरीगंगा का जलस्तर भी बढ़ा है।
लगातार बारिश के कारण मलबा आने से प्रदेश में 384 सड़कें बंद हो गई हैं। उत्तरकाशी जिले में 70, टिहरी में 31, चमोली में 51, रुद्रप्रयाग में 39, पौड़ी में 39, देहरादून में 48, हरिद्वार में एक, पिथौरागढ़ में 28, चंपावत में तीन, अल्मोड़ा में 38, बागेश्ववर में 10, नैनीताल में 25 और ऊधमसिंह नगर में एक सड़क बंद हैं।