नई दिल्ली: अभी देश की सभी नेशनल पार्टियों में सिर्फ कांग्रेस के पास लुटियंस दिल्ली में दो सरकारी बंगले हैं। बाकी चार पार्टियों, जिनमें बीजेपी भी शामिल है, के पास एक-एक बंगला है। ये बंगले उन्हें कार्यालय के काम के लिए दिए गए हैं।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने लोकसभा में टीएमसी सांसद सौगत रॉय के सवाल के जवाब में बताया कि चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त छह राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को सरकारी बंगले दिए गए हैं।
कांग्रेस को 24, अकबर रोड (1990 में मिला) और 5, रायसीना रोड (1976 में मिला, यूथ कांग्रेस का मुख्यालय) बंगले मिले हैं। वहीं बीजेपी के पास 9, पंडित पंत मार्ग बंगला है, जो 1999 में मिला था। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने 11, अशोक रोड (पुराना मुख्यालय) खाली कर दिया है। यह बंगला अब बीजेपी के ओडिशा से लोकसभा सांसद बैजयंत पांडा को दे दिया गया है।
कांग्रेस और बीजेपी ने डीडीयू मार्ग और कोटला रोड पर अपने नए विशाल मुख्यालय बनाए हैं। सरकार ने इन्हें जमीन दी थी। नियम के मुताबिक, जमीन मिलने या निर्माण पूरा होने के तीन साल बाद पार्टियों को बंगले खाली करने होते हैं। मंत्रालय ने बताया कि नेशनल पीपल्स पार्टी को 75, नॉर्थ एवेन्यू (अगस्त 2021 से), बीएसपी को 29, लोधी एस्टेट और आप को 1, पंडित रवि शंकर शुक्ल लेन (जुलाई 2023 में) बंगले दिए गए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय पार्टी को ऑफिस के लिए बंगला देने से मना नहीं किया गया है। सरकार ने दिल्ली में क्षेत्रीय पार्टियों जैसे समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल (यू), डीएमके और एआईएडीएमके को भी जमीन दी है, जहां वे अपने ऑफिस बना सकते हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस और बीजेपी की दिल्ली इकाई को भी जमीन मिली है।