logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Saturday, 25 April 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • Uttarakhand Weather Today, 21 April: पहाड़ से मैदान तक तपिश, चारधाम यात्रा पर गर्मी से बढ़ी श्रद्धालुओं की चुनौती.
  • केदारनाथ धाम: कपाट खुलने की तैयारी अंतिम चरण में, 51 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम.
  • केदारनाथ धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की तैयारी पूरी, 8 कंपनियों को दी गई अनुमति.
  • ओंकारेश्वर मंदिर से केदारनाथ के लिए बाबा की डोली रवाना, चारधाम यात्रा शुरू, 22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट.
  • Uttarakhand Weather Today, 19 April: देहरादून समेत मैदानी इलाकों में 40 के करीब पारा, पहाड़ों में भी बढ़ी तपिश.
 
  • Home
  • प्रसिद्ध लेखक बिल ऐटकेन का देहरादून में निधन, हरिद्वार में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार, साहित्य जगत में शोक

प्रसिद्ध लेखक बिल ऐटकेन का देहरादून में निधन, हरिद्वार में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ अंतिम संस्कार, साहित्य जगत में शोक.

 
  • Shubham Sehgal
  • 20 Apr 2025
  • 634
image  

 

मसूरी: उत्तराखंड निवासी स्कॉटलैंड में जन्मे लेखक बिल ऐटकेन का निधन हो गया है। वे 90 वर्ष के थे। बिल ऐटकेन ने भारत के आध्यात्मिक और भौगोलिक जीवन पर काफी काम किया। बुधवार रात देहरादून में उन्होंने अंतिम सांस ली। दरअसल बिल को पिछले हफ्ते मसूरी में अपने घर पर गिरने से चोटें आई थीं। उनकी हालत गंभीर थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी इच्छा के अनुसार, गुरुवार को हरिद्वार में गंगा के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया।

बिल ऐटकेन का जन्म 1934 में स्कॉटलैंड के क्लैकमैनशायर के एक छोटे से शहर टुलीबॉडी में हुआ था। 1959 में, उन्होंने लीड्स विश्वविद्यालय से तुलनात्मक धर्म में मास्टर डिग्री पूरी की। उसके बाद वे भारत आए। खास बात ये रही कि वे हवाई जहाज से नहीं, बल्कि सड़क मार्ग से आए थे। उन्होंने यूरोप, तुर्की, ईरान और पाकिस्तान होते हुए यात्रा की। बाद में यह रास्ता युवा पश्चिमी लोगों के लिए 'हिप्पी ट्रेल' बन गया। वे आध्यात्मिक यात्रा पर पूर्व की ओर जा रहे थे। उनके मन में जिज्ञासा थी, जो बाद में उनके लेखन में दिखाई दी।

ऐटकेन ने कोलकाता के हिंदी हाई स्कूल में कुछ समय तक पढ़ाया। फिर वे हिमालय चले गए। उन्होंने कुमाऊं में कौसानी और मिर्टोला के आश्रमों में एक दशक से अधिक समय बिताया। उत्तराखंड में बिताए इन शुरुआती वर्षों ने उनके दृष्टिकोण को आकार दिया। उस समय उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। उनके लेखन में शांत और अवलोकन करने की जो शैली दिखती है, वह यहीं से आई।

1960 के दशक में, ऐटकेन मसूरी चले गए। वहां उन्होंने जिंद की विधवा महारानी पृथ्वी बीर कौर के साथ समय बिताया। वे महारानी के साथी और विश्वासपात्र थे। जिंद पहले एक सिख रियासत थी। 1972 में, ऐटकेन भारत के नागरिक बन गए। ओकलेस नाम का एक घर था, जहां वे कई सालों तक अपने पालतू कुत्तों के साथ रहे। यह घर अंत तक उनका ठिकाना बना रहा। उन्होंने एक संयमित जीवन जीना पसंद किया। कुछ लोग इसे एकांतवास भी कह सकते हैं। लेकिन जो लोग उनसे मिलने आते थे, उनका वे गर्मजोशी से स्वागत करते थे। चाहे वे स्थानीय लोग हों या उनके प्रशंसक। उनकी स्कॉटिश हास्य शैली ऐसी थी कि जो उनसे मिलता था, वह मुस्कुराता हुआ लौटता था।

ऐटकेन ने आध्यात्मिक भूगोल, रेलवे, पहाड़ी संस्कृति और लंबी दूरी की यात्रा पर लिखा। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में 'सेवन सैक्रिड रिवर्स', 'फुटलूज इन द हिमालया', 'द नंदा देवी अफेयर', 'ज़ांस्कर: द हिडन किंगडम' और 'डिवाइनिंग द डेक्कन' शामिल हैं। उनकी भाषा बहुत अलंकृत नहीं होती थी। उनके वाक्य धीरे-धीरे खुलते थे। ऐसा लगता था कि वे पैदल या दोपहिया वाहन से यात्रा कर रहे हैं। वे सालों तक भारत की कम यात्रा वाली सड़कों पर मोटरसाइकिल, रेल या पैदल चलते हुए दिखाई देते थे।
 

भारतीय रेलवे के साथ उनका रिश्ता बहुत गहरा था। ऐटकेन नई दिल्ली में राष्ट्रीय रेल संग्रहालय के अध्यक्ष और हिमालयन क्लब के मानद पुस्तकालयाध्यक्ष भी रहे। 'एक्सप्लोरिंग इंडियन रेलवेज' और 'ब्रांच लाइन टू इटर्निटी' जैसी किताबों में उन्होंने सिर्फ रास्तों और इंजनों के बारे में नहीं बताया। उन्होंने ट्रेन यात्रा के अनुभव को भी लिखा। उन्होंने ट्रेन की चुप्पी, उसके ठहराव और शाखा लाइनों की गरिमा को भी बताया, जिसे लोग भूल गए थे।

अक्सर उनकी किताबों को यात्रा साहित्य में गिना जाता है। लेकिन वास्तव में वे निवास के दस्तावेज थे। वे किसी जगह में डूबने के बारे में थीं, न कि घूमने के बारे में। उन्होंने कुछ समय के लिए लिखना बंद कर दिया था। लेकिन शहर के युवा लेखक उनसे मिलने आते थे। वे अक्सर उनकी प्रस्तावना लिखने के अनुरोध को स्वीकार करते थे।

ऐटकेन हिंदी और गढ़वाली भाषाएं बहुत अच्छी तरह से बोलते थे। इसलिए वे आसानी से घुलमिल जाते थे। उनकी आखिरी किताब 2004 में आई थी। इसका नाम था 'श्री सत्य साईं बाबा - ए लाइफ'। यह आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के जीवन पर आधारित थी। वे साईं बाबा का अनुसरण करते थे, लेकिन उनकी पूजा नहीं करते थे।


मसूरी में कैम्ब्रिज बुक डिपो है। वहां सुनील अरोड़ा काम करते हैं। उन्होंने बताया कि ऐटकेन की किताबें हमेशा यात्रा साहित्य वाले शेल्फ पर रखी जाती थीं। ऐटकेन अपनी किताबों पर हिंदी में कुछ वाक्य लिखकर हस्ताक्षर करते थे। 'द नंदा देवी अफेयर' के लिए वे 'जय हिमालय' लिखते थे। 'सेवन सैक्रिड रिवर्स' के लिए वे 'जय गंगा मैया' लिखते थे। अरोड़ा ने कहा, "वे अक्सर हस्ताक्षर नहीं करते थे, लेकिन जब करते थे, तो पूरी भावना से करते थे।"

गणेश शैली भी एक लेखक हैं और मसूरी में रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐटकेन के जाने से भारत ने एक ऐसा इतिहासकार खो दिया है, जो बहुत कम देखने को मिलता है। वे रुकते थे, सुनते थे और बिना किसी दिखावे के लिखते थे। शैली ने कहा, "मसूरी में लेखकों की संख्या घट रही है। यह उनके लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। हम बहुत दुखी हैं।"

 

 
Share
Previous Post
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखंड सरकार और FSSAI की बड़ी पहल, 'ईट राइट इंडिया' अभियान शुरू
Next Post
भीमताल, द्वाराहाट, सहस्त्रधारा में खुलेंगे नए फायर स्टेशन... उत्तराखंड में बनेगा फायर सर्विस ट्रेनिंग सेंटर
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    हरिद्वार और ऋषिकेश तक मेरठ से मेट्रो, CM धामी ने केंद्र के सामने रखा प्रस्ताव, प्रोजेक्ट को मंजूरी जल्द.

    • 07 Apr 2026
  • image

    Uttarakhand Weather Today, 19 April: देहरादून समेत मैदानी इलाकों में 40 के करीब पारा, पहाड़ों में भी बढ़ी तपिश.

    • 19 Apr 2026
  • image

    दून पुस्तक महोत्सव: 9 दिनों तक चला ज्ञान का उत्सव, इम्तियाज अली और शुभांशु शुक्ला भी पहुंचे.

    • 15 Apr 2026

Recent News

  • image

    Uttarakhand Weather Today, 21 April: पहाड़ से मैदान तक तपिश, चारधाम यात्रा पर गर्मी से बढ़ी श्रद्धालुओं की चुनौती.

    • 21 Apr 2026
  • image

    केदारनाथ धाम: कपाट खुलने की तैयारी अंतिम चरण में, 51 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम.

    • 21 Apr 2026
  • image

    केदारनाथ धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की तैयारी पूरी, 8 कंपनियों को दी गई अनुमति.

    • 20 Apr 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-25 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.