लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के बयान पर गर्माहट बढ़ गई है। राहुल गांधी ने रायबरेली दौरे के दौरान कहा कि लोकसभा चुनाव में अगर मायावती साथ आतीं तो परिणाम कुछ और होता। भारतीय जनता पार्टी को यूपी में जीत नहीं मिलती। राहुल गांधी ने मायावती की राजनीति पर सवाल भी खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मायावती ठीक से क्यों चुनाव नहीं लड़ रहीं, पता नहीं। इस पर अब बसपा प्रमुख का बड़ा पलटवार सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस की मजबूती वाले राज्यों को लेकर निशाना साधा।
मायावती ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी जिन राज्यों में मजबूत है या जहां उनकी सरकारें हैं, वहां स्थिति क्या है? उन्होंने कहा कि ऐसे राज्यों में बीएसपी और उनके अनुयाइयों के साथ द्वेष और जातिवादी रवैया अपनाया जाता है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां कांग्रेस कमजोर है, वहां बीएसपी से गठबंधन की बरगलाने वाली बातें करना, यह उस पार्टी का दोहरा चरित्र नहीं तो और क्या है?
बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी की रणनीति को सामने लाते हुए गंभीर सवाल किया। उन्होंने कहा कि तमाम स्थितियों के बाद भी बीएसपी ने यूपी और अन्य राज्यों में जब भी कांग्रेस जैसी जातिवादी पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा है, तब हमारा बेस वोट उन्हें ट्रांस्फर हुआ है। लेकिन, ये पार्टियां अपना बेस वोट बीएसपी को ट्रांसफर नहीं करा पाती हैं। ऐसे में बीएसपी को हमेशा घाटे में ही रहना पड़ा है।
मायावती ने कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं भाजपा जैसी पार्टियों का चाल, चरित्र, चेहरा हमेशा बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, उनकी अनुयायी बीएसपी और उसके नेतृत्व का विरोधी रहा है। साथ ही, हमारे दलित-बहुजन अनुयायियों और आरक्षण आदि का घोर विरोधी रहा है। इससे देश संविधान का समतामूलक और कल्याणकारी उद्देश्य पाने में काफी पीछे है, जो चिंताजनक है।