ऋषिकेश: उत्तराखंड के कैबिनेट और शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान पर्वतीय मूल की जनता पर की गई टिप्पणी का विरोध करते हुए पर्वतीय मूल से जुड़ी स्थानीय जनता ने मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतले की शव यात्रा निकाल कर पुतले को जलाया। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
बीते रोज उत्तराखंड विधानसभा में सत्र चल रहा था इस दौरान किसी बात को लेकर सदन में गहमागहमी हो गई। इसी बीच मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने पर्वतीय मूल की जनता के प्रति टिप्पणी कर दी। जिसके बाद सदन में ही जमकर हंगामा खड़ा हो गया। जिसकी गूंज सदन से बाहर निकलते ही पर्वतीय मूल के लोगों में नाराजगी फैल गई।
इसके चलते शनिवार को पर्वतीय मूल से जुड़े सैकड़ों लोगों ने मंत्री के ऋषिकेश स्थित कैम्प कार्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने बैरीकेट लगाकर प्रदर्शनकारियों को मंत्री के कैंप कार्यालय पर पहुंचने से पहले ही रोक लिया। जिससे गुस्साए पर्वतीय मूल के लोगों ने मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की शव यात्रा निकाल जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश चंद्र मास्टर ने कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से इस्तीफा देने की मांग करी। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष से प्रेमचंद अग्रवाल की विधायिका भी समाप्त करने की मांग करी। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर राय रावत ने कहा कि अगर मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा उत्तराखंड की जनता से माफी नहीं मांगी गई तो वह प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाएंगे।
वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजपाल खरोला ने कहा कि आज दलगत राजनीति से हटकर राज्य और पर्वतीय मूल की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ तथा अपमान करने वाले को माफ नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी को एकजुटता का परिचय देना होगा। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों द्वारा मंत्री के आवास को घेरने की आशंका को देखते हुए मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के आवास पर भी भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया। जिससे प्रदर्शनकारी उनके आवास पर ना पहुंच पाएं।