ओशो के संकलित प्रवचनों और गुरजीएफ सिस्टम से*
*गरीबी से कैसे मुक्ति हो ।*
*सब से बड़ा रोग गरीबी है...ओशो*
और जो व्यक्ति पूंजीवाद (Capitalism) को गाली देता है, वो व्यक्ति कभी भी अमीर नहीं बन सकता, क्योंकि *पूंजीवाद में ही पूंजी उत्पन करने की तक उत्पन होती है...* Capetilism, पूंजीवाद में ही व्यक्ति धन कमा सकता है।
अगर तुम्हे धन कमाना हो पैसादार बन ना हो तो, तुम्हे धनी व्यक्ति के लिए मान, आदर होना चाहिए, क्योंकि जो हम बनना
चाहते है , अगर उसे ही गाली देंगे, तो हम उस जैसा
कैसे बन सकेगे...? इसलिए जो व्यक्ती धनी है, उसके प्रति अहोभव होना चाहिए, क्योंकि उस के पास जरूर कुछ काला है... !!!
कम्यूनिस्ट या समाजवादी व्यक्ति कभी धनी नही बन सकता, क्योंकि ऐसे आदमी हमेशा धनी की ईर्षा में जीता है, वो पूंजीपति को गाली देते फिरता रहता है...
फिर अगर कोई व्यक्ति कम्युनिस्ट या समाजवादी भी हो और अमीर हो तो समझना वो कम्युनिस्ट पार्टी का नेता होगा, जो अंदर से कम्युनिस्ट नही होगा, लेकिन कोमयूनिज्म का सहारा लेके गरीबों में अमीरों के प्रति ईर्षा उत्पन कराके अपना उल्लू ठीक करता होगा.... !!!
जो व्यक्ति ऐसा सोचता है कि इतना पैसा मिलेगा तो ही काम करूंगा, या कम से कम इतना पगार मिलेगा तो ही काम करूंगा, ऐसा आदमी कभी भी पैसा नहीं कमा सकता, क्योंकि कि ऐसे लोगो में इतनी भी बुद्धि नहीं है की *समय और श्रम को हम बैंक में नहीं रख सकते,* क्योंकि जो पैसा कितना भी कम हो, को आज मिल सकता था, वो भी उस ने गंवा दिया...
फिर जो व्यक्ति नोकरी करता है या कोई सर्विस देने वाला (प्रोफेसनल) काम करता है, वो अगर काम में चोरी करता है, अपने को बचा के, अपने शरीर को बचा के काम करता है , वैसा आदमी भी गरीब रह जाता है, लेकिन जो व्यक्ति भले नोकरी करता हो, लेकिन कड़ी मेहनत और प्रमाणिक से काम करेगा, जैसे की अपनी खुद कि ही कंपनी हो, वो एक दीन जरूर अमीर बनेगा, क्योंकि उसे अनुभव और तक मिलेगी, दिन ब दिन प्रगति होती जाएगी...
जो लोग ऐसा मानते हैं, सेठ या अमीर लोग हमारा शोषण करते है, लूटते है, ऐसा समझ के, मालिक के विरुद्ध लड़ने लगते है, वैसा आदमी कभी भी अमीर नहीं हो सकता...वो तो ऐसा है, जैसे वो खुद अपने से ही लड़ने लगा...
जब गरीब व्यक्ति कहता है कि पैसा वाले ने हमे लूट लिया, ओशो कहते है की इसका मतलब की उस में इतनी भी बुद्धि नहीं है की कोई उन्हे लूटेगा कैसे, उनके पास कुछ है ही नहीं,तो तुम्हे लूटेगा कैसे....?
उल्टा वो भला आदमी है तुम्हे काम दे रहा है, उनका आभार
मान ना चाहिए । जो भी अपने बॉस के प्रति कृतज्ञना से भर जाता है, वैसे आदमी अमीर होने का द्वार खोल दिया...
फिर कई ऐसे लोग भी है, जो कहते फिरते है, बिरला , अंबानी, अदानी चोर है, वे लोग भी धनी नहीं बन सकते, क्युकी वो लोग उनकी धन कमाने की प्रतिभा और मेहनत को नकारते है, तो जो लोग नकारात्मकता से भरे हुए है , वैसे लोग भी अमीर नहीं बन सकते...
ये दुनिया में, *गरीबी सब से बड़ा रोग है...*
और गरीब व्यक्ति के लिए धार्मिक होना बड़ा मुश्किल है...
*पैसा कमाने के लिए एक प्रतिभा चाहिए ।* एक समझ चाहिए । हकारात्मकता चाहिए । ईर्षा से मुक्त होना होगा ।
जो लोग पैसे वाले लोगो को गाली देने में लग जाते है, की साला चोर है,बेईमान है *,...ये सिर्फ इतना ही बताता है की सच में ऐसे लोग के अंदर एक ईर्षा है,* और ईर्षा से भरे लोगो के लिए पैसा कमाना तो दूर, वे लोग ध्यान में भी नहीं उतर सकते...
जो लोग आलस्य से भरा हुआ है, और चाहता है की सब मुफ्त में मिल जाए , वो और ज्यादा गरीब बन जाएगा । जो लोग मुफ्त में सब चाहता है उनकी आत्मा और चेतना और नीचे गिर जाती है।
कोई एकाद गरीब व्यक्ति, प्रतिभावान हो, समझदार हो तो गरीब होते हुए भी ध्यान में उतर सकता है, लेकिन गरीब समाज या समूह ध्यान में नहीं उतर सकता है... । *गरीब का मतलब , जो अपनी जरूरियत जितना पैसा भी नहीं कमा सकता हो ।* लेकिन गरीब समाज तो कभी भी धार्मिक नहीं हो सकता...
अगर तुमारे पास धन है तो ध्यान करने में सुविधा होगी, और धन और ध्यान दोनो होंगे तो धन का सद उपयोग कर सकोगे...
गुरजीएफ कहता है कि धन कमाने के लिए तुम्हे पश्चिम का टेक्नोलॉजी की मदद लेनी पड़ेगी, जैसे यूरोपियन को अगर ध्यान सिखना है तो पूर्व की मदद लेनी पड़ेगी....
अगर तुम्हे बिना तनाव पैसा कमाने हो *तो तुम्हे गुरजीएफ सिस्टम समझना ही पड़ेगा ।* तुम्हारी टाइप तुम्हे नक्की करनी पड़ेगी...
अगर तुम्हारे में पैसा कमाने जितनी भी प्रतिभा नहीं है , इतनी भी ऊर्जा नहीं है, वह आलसी आदमी है, और वह ध्यान कर ने में भी आलसी होगा, और वैसा आदमी हमेशा दूसरों को ध्यान सिखाने में उत्सुक होगा ।